बुधवार, 20 अक्तूबर 2010

बस स्टॉप

वो जो बस स्टॉप था न कोलेज का...
वो जहाँ टेम्पो रुका करते थे..
आजकल हो गया है वो एलीट
अब तौ स्टार बस ही रूकती है..
वो जो बस स्टॉप था न कोलेज का...
वक़्त अब भी वहां ठहरता है..
और वहीँ से चढ़ता है...
उधर से जब भी गुज़रता हूँ तौ ये लगता है...
जेसे के आखरी बस छूट गयी हो मेरी...

कोई टिप्पणी नहीं: